परिचय
छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति योजना, अनुसूचित जातियों/जनजतियों के लिये बुक बैंक योजना, शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, अनावर्ती सहायता योजना, प्राविधिक शिक्षा संबंधी सुविधायें, केन्द्रीय पुरोनिधानित योजना के अन्तर्गत अस्वच्छ पेंशा में लगे व्यक्तियों के विशेष छात्रवृत्ति योजना समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जातियों तथा जनजातियों के कल्याण सेक्टर के अन्तर्गत अनुसूचित जातियों/विमुक्त जातियों के कल्याण हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनायें चलायी जा रही है जिन्हें मुख्यत: शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक एवं अन्य योजनाओं के अन्तर्गत वर्गीकृत किया गया है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में अनुसूचित जातियों/ जनजातियों एवं विमुक्त जातियों कीं छात्रवृत्ति योजना, सामान्य वर्ग के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले, स्वैच्छिक संगठनों द्वारा शिक्षा संबंधी कार्य तथा उन्हें दी जाने वाली आर्थिक सहायता से संबंधित योजना, राजकीय उन्नयन बस्तियों के रख-रखाव से संबंधित योजना, अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम-१९८९ के क्रियान्वयन से संबंधित योजना, आश्रम पद्धति विद्यालयों एवं छात्रावासों का संचालन, अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को शादी/बीमारी अनुदान दिये जाने की योजना सम्मिलित है। इसके अतिरिक्त स्पेशल कम्पोनेंट प्लान के अन्तर्गत अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा स्वत: रोजगार योजना, सेनिटरी मार्ट योजना, दुकान निर्माण योजना, कौशल वृद्ध प्रशिक्षण की योजना तथा निशुल्क बोरिंग की योजना संचालित की जा रही है।

समाज कल्याण विभाग के द्वारा मंत्री विवेकाधीन कोष से अनुदान स्वीकृत किया जाता है। इसके अन्तर्गत रू० ३५,०००.०० की व्यवस्था की गयी है। इसके अतिरिक्त अशक्त एवं वृद्ध गृहों, राजकीय भिक्षुक गृहों का संचालन, राजकीय भिक्षुग गृहों का संचालन किया जा रहा है तथा अनुसूचित जातियों के कल्याणार्थ कार्य करने वाले विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को कुछ सुविधायें अनुमन्य की गयी है।
समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत निम्न संगठन कार्य कर रहे है:-

१. समाज कल्याण निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ।
२. जनजाति विकास निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ।
३. मद्यनिषेध निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ।
४. उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (लि०) लखनऊ।
५. उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम (लि०) लखनऊ।
६. उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति शोध एवं प्र्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ।
७. छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, उ०प्र०, लखनऊ।
८. उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग, लखनऊ।


प्रमुख योजनायें एवं कार्यक्रम

वृद्धावस्था पेंशन योजना

वृद्धावस्था / किसान पेंशन योजनान्तर्गत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के समस्त ऐसे वृद्धजन जिनकी आये ग्रामीण क्षेत्र में रू0 46080/- एवं शहरी क्षेत्र में रू0 56460/- वार्षिक के कम है, पेंशन योजना के पात्र होंगे। इस योजनान्तर्गत‍ 60 से 79 आयु वर्ग के वृद्धजनों को रू0 300/- प्रति माह एवं 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के वृद्धजनो को रू0 500/- प्रति माह की दर से चार त्रेमासिक किश्तों में पेंशन की धनराशि प्रदान की जायेगी। प्रदेश सरकार द्वारा पेंशन सम्बन्धि समस्याओं के निराकरण हेतु एकीकृत पेंशन पोर्टल sspy-up.gov.in की स्थापना की गयी है, जिसके माध्यम से चयनित पेंशनर द्वारा पेंशन से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही साथ विभाग द्वारा स्थापित हेल्प लाइन (18004190001) के माध्यम से अपनी समस्याओं का निराकरण कराया जा सकता है

  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु निर्धारित भौतिक लक्ष्य
4345014
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु बजट प्राविधान  
रू0 15,20.00 करोड़
  • शासन द्वारा अवमुक्त धनराशि 
रू0 15,20.00 करोड़
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 में दिनांक 29.03.2016 तक व्यय की गयी धनराशि
रू0 1,414.62 करोड़
  • निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 29.03.2016 तक की भौतिक उपलब्धि
 3779951
  • वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु कुल बजट प्राविधान
रू0 1613.59 करोड़
पारिवारिक लाभ योजना

इस योजनान्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के मुख्य कमाऊ मुखिया, जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक एवं 60 वर्ष से कम हो, की मृत्यु की दशा में रू0 30,000/- की एक मुश्त सहायता दिये जाने का प्राविधान है। इसमें केन्द्रांश 66.66 प्रतिशत व राज्यांश 33.34 प्रतिशत है। इस योजना में धनराशि उपलब्ध न होने की दशा में भी जिलाधिकारियों को टी0आर0-27 से आहरित कर धनराशि भुगतान करने के निर्देश हैं जिससे की मुख्य कमाऊ मुखिया की मृत्यु होने पर तत्काल सहायता दी जा सके।

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना को ऑन-लाइन करने के उद्देश्य से राज्य सूचना विज्ञान केन्द्र इकाई द्वारा सॉफ्टवेयर का विकास किया गया है, जो वर्तमान में कार्यशील हो चुका है, जिसका उद्देश्य योजना को पूर्णरूपेण पारदर्शी बनाया जाना है। योजनान्तर्गत दिनांक 01 जनवरी, 2016 से लाभार्थियों द्वारा ऑनलाइन फार्म भर जाने की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गयी है।

  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु बजट प्राविधान  
रू0 420.00 करोड़
  • शासन द्वारा अवमुक्त धनराशि 
रू0 420.00 करोड़
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 में दिनांक 29.03.2016 तक व्यय की गयी धनराशि
रू0 289.64 करोड़
  • निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 29.03.2016 तक की भौतिक उपलब्धि
96547
  • वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु कुल बजट प्राविधान
रू0 500.00 करोड़

समस्त प्रकार की छात्रवृत्ति पूर्वदशम (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर

उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां कक्षा 9 एवं इसके ऊपर के सभी छात्रों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के अन्तर्गत संचालित है। छात्रवृत्ति स्वीकृति एवं वितरण का समस्त कार्य इंटरनेट प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। गत वर्ष दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत लगभग 50 लाख छात्रों को 1.5 करोड़ एस0एम0एस0 एलर्ट छात्रवृत्ति स्वीकृत प्रक्रिया के दौरान भेजे गये है। प्रदेश में प्रथम बार पी0एफ0एम0एस0 का कोषागार के सॉफ्टवेयर के साथ इन्ट्रीगेशन कर दिया गया है। समाज कल्याण विभाग एवं कोषागार के अधिकारियों को डिजीटल सिग्नेचर उपलबध कराये जा चुके हैं, ताकि समस्त प्रकार की छात्रवृत्ति के भुगतान में पी0एफ0एम0एस0 प्रणाली का प्रयोग करते हुए पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।

पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत सामान्य वर्ग (कक्षा 9 व 10) की छात्रवृत्ति हेतु पात्रता के लिए अभिभावक की आय-सीमा ग्रामीण क्षेत्रों में रू0 46,080/- वार्षिक प्रति परिवार तथा शहरी क्षेत्रों में रू0 56,460/- वार्षिक प्रति परिवार निर्धारित की गयी है। योजनान्तर्गत अनुसूचति जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति हेतु पात्रता हेतु अभिभावक की आय -सीमा रू0 2,00,000/- निर्धारित है।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति तथा सामान्य वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति हेतु अभिभावक की आय-सीमा रू0 2,00,000/- वार्षिक प्रति परिवार निर्धारित की गयी है। विभाग द्वारा स्थापित हेल्प लाइन (18004190001) के माध्यम से छात्रवृत्ति से सम्बन्धित समस्याओं का निराकरण कराया जा सकता है।

पूर्वदशम अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रवृत्ति (कक्षा 9-10)
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु बजट प्राविधान  
रू0 188.75 करोड
पूर्वदशम सामान्य वर्ग छात्रवृत्ति (कक्षा 9-10)
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु बजट प्राविधान  
रू0 16.64 करोड़
  • शासन द्वारा अवमुक्त धनराशि 
रू0 16.64 करोड़
अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रवृत्ति (दशमोत्तर)
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु बजट प्राविधान  
रू0 2896.01 करोड़
  • शासन द्वारा अवमुक्त धनराशि 
रू0 2896.01 करोड़

 

  • वित्तीय वर्ष 2015-16 में योजनान्तर्गत माह मार्च, 2016 के प्रारम्भ तक रू0 1107.10 करोड़ की धनराशि व्यय करते हुए 645615 छात्रों को लाभान्वित किया गया।
 
योजना का नाम : सामान्य वर्ग छात्रवृत्ति (दशमोत्तर)
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु बजट प्राविधान  
रू0 755.90 करोड़
  • शासन द्वारा अवमुक्त धनराशि 
रू0 755.90 करोड़
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 में योजनान्तर्गत माह मार्च, 2016 के प्रारम्भ तक रू0 564.59 करोड़ की धनराशि व्यय करते हुए 428177 छात्रों को लाभान्वित किया गया।
 

उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण एवं वृद्धाश्रमों का संचालन
  • माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 के अधीन उ0प्र0 माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 के अधीन भरण-पोषण के आदेश पर न्याय निर्णयन और विनिश्चयन करने के प्रयोजन के राज्य के प्रत्येक राजस्व जिलों की प्रत्येक तहसील में भरण-पोषण अधिकरण के गठन की अधिसूचना के गठन की अधिसूचना शासनादेश संख्या-2595/26-02-2014- 00(2)/2008 दिनांक 20.10.2014 द्वारा निर्गत की जा चुकी है।
  • उपरोक्त नियमावली-2014 में दी गयी व्यवस्थानुसार तीन फेजेज में प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में 150 की क्षमता का वृद्धाश्रम स्थापित होना है। प्रथम चरण में वर्ष 2014-15 में 18 मण्डलीय जनपदों तथा अन्य पौराणिक महत्व/अधिक आबादी वाले 07 जनपद यथा नैमिषारण्य (सीतापुर), कुशीनगर, चित्रकूट, मथुरा, उन्नाव तथा गाजियाबाद कुल 24 जनपदों में वृद्धाश्रमों की स्थापना कराये जाने हेतु निदेशालय स्तर पर गठित समिति द्वारा चयनित 24 स्वैच्छिक संस्थाओं में से अब तक कुल 14 जनपदों क्रमश: कानपुर, झाँसी, अलीगढ़, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद, बस्ती, चित्रकूट, बांदा, उन्नाव एवं सहारनपुर में वृद्धाश्रम संचालित किये जाने हेतु सम्बन्धित चयनित संस्थाओं को अनावर्तक मद की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। 06 जनपदों क्रमश: गोण्डा, कुशीनगर, फैजाबाद, आजमगढ़, मिर्जापुर एवं आगरा में वृद्धाश्रम संचालन हेतु चयनित संस्थाओं की अभिलेखीय कार्यवाही पूर्ण कर ली गयी है, जिनको शीघ्र ही वृद्धाश्रण संचालित करने हेतु अनावर्तक मद की धनराशि अवमुक्त कर दी जायेगी। शेष 04 जनपदों क्रमश: लखनऊ, सीतापुर, मेरठ तथा मथुरा से वृद्धाश्रम संचालन हेतु किराया औचित्य प्रमाण पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से प्राप्त होते ही अनावर्तक मद की धनरशि अवमुक्त करने की कार्यवाही पूर्ण कर ली जायेगी।
  • द्वितीय चरण वर्ष 2015-16 में निर्धारित 26 जनपद यथा-कन्नौज, जौनपुर, मुजफ्फरनगर, हरदोई, सुल्तानपुर, लखीमपुर-खीरी, बिजनौर, बदायूँ, गाजीपुर बुलन्दशहर, रायबरेली, एटा, बलिया, प्रतापगढ़, देवरिया, बाराबंकी, शाहजहाँपुर, बहराइच, फतेहपुर, महाराजगंज, फिरोजाबाद, सिद्धार्थनगर, अम्बेडकरनगर, रामपुर, मऊ तथा बलरामपुर में वृद्धाश्रम स्थापित करने हेतु दिनांक 22.09.2015 को विज्ञप्ति करायी गयी थी, किन्तु शासन के पत्र संख्या 164/26-2-2016 दिनांक 01.02.2016 एवं पत्र संख्या 2706/26-2-2015 दिनांक 01.02.2016 के अनुक्रम में वर्तमान में उक्त विज्ञप्ति स्थगित है तथा शासन के पत्र संख्या 164/26-2-2016 दिनांक 01.02.2016 में प्राप्त निर्देश के अनुपालन में द्वितीय चरण वर्ष 2015-16 एवं तृतीय चरण वर्ष 2016-17 के लिए कुल अवशेष 51 जनपदों हेतु विज्ञप्ति का प्रस्ताव शासन के अनुमोदनार्थ भेज दिया गया है।

अत्याचार उत्पीड़न की दशा में आर्थिक सहायता

उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जातियों की संख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 41357608 है। इन जातियों के प्रति सामान्य, अस्पृश्यता/छूआ-छूत की भावना को समाप्त करने के उद्देश्य से नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 तथा अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 का क्रियान्वयन पूरे देश में किया जा रहा है। इस अधिनियम के अन्तर्गत उत्पीड़ित अनुसूचित जाति सहायता विभिन्न प्रकार उत्पीड़न की घटनाओं में न्यूनतम रू0 90,000/- से अधिकतम रू0 7.50 लाख की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में दिये जाने का प्राविधान किया गया है।

  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु बजट प्राविधान                    रू0 39.95 करोड़
  • शासन द्वारा अवमुक्त धनराशि                    रू0 39.70 करोड़
  • अत्याचार उत्पीड़न की दशा में पीड़ित परिवार को बजट की अनुपलब्धता की दशा में टी0आर0-27 द्वारा तात्कालिक प्रभाव से सहायता राशि प्रदान किये जाने की व्यवस्था है।
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 में योजनान्तर्गत माह मार्च, 2016 के प्रारम्भ तक रू0 3546.30 लाख की धनराशि व्यय करते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गयी।
  • वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु कुल बजट प्राविधान            रू0 46.20 करोड़

आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन

प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं के शैक्षिक उत्थान के आशय से 76 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित है, जिसमें अनुसूचित जाति एवं विमुक्त जाति के बालक/बालिकाओं के शैक्षिक उत्थान हेतु बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। विद्यालयों में प्रवेशित बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, आवास, वस्त्र, भोजन आदि की सुविधा राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त शैक्षिक संस्थाओं के माध्यम से भी तीन आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित है, जिन्हें राज्य सकरार द्वारा शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। शैक्षिक स्तर में गुणवत्ता लाये जाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2015-16 से प्रदेश के समस्त आश्रम पद्धति विद्यालयों को नवोदय पैटर्न पर संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

  • वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु बजट प्राविधान                    रू0 143.82 करोड़
  • शासन द्वारा अवमुक्त धनराशि                    रू0 143.82 करोड़
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 में दिनांक 29.03.2016 तक व्यय की गयी धनराशि        .रू0 4758.09 लाख
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 में दिनांक 29.03.2016 तक की भौतिक उपलब्धि            31563
  • राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के संचालन में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से इन विद्यालयों का संचालन नवोदय विद्यालय पैटर्न पर किये जाने की कार्यवाही प्रगति पर है।
  • प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं विमुक्त जाति के बालक/बालिकाओं के शैक्षिक उत्थान के लिए विभाग द्वारा 76 आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित है। इन विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा, आवास, वस्त्र, भोजन की व्यवस्था राजकीय व्यय पर प्रदान की जाती है।
  • वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु कुल बजट प्राविधान            रू0 165.18 करोड़

परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्रों का संचालन

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को राज्य सेवाओं की परीक्षा में प्रशिक्षण योजना :-

  1. ग्रामीण तथा मध्यम वर्गीय कम आय वाले अनुसूचित जाति, जनजाति के परिवारों के बच्चे प्रतिभावान, मेधावी, लगनशील तथा परिश्रमी होते हुए भी उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं पाठ्यक्रम से सम्बन्धित उचित पुस्तकों की जानकारी के अभाव में आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 परीक्षाओं की गुणवत्ता पूर्ण तैयारी नहीं कर पाते हैं। आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 से सम्बन्धित आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के अत्यन्त उच्च कोटि के स्तर तथा अद्यतन परिवर्तित/परिवर्धित होने वाले पाठ्यक्रमों के अनुरूप विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी के निमित्त कोचिंग केन्द्र के माध्यम से उक्त वर्ग के अभ्यर्थियों को स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। ताकि इस वर्ग के अभ्यर्थी पूर्ण आत्मविश्वास एवं तैयारी के साथ इन परीक्षाओं में भाग ले सकें एवं इन सेवाओं में इस वर्ग का उचित प्रतिनिधित्व समाहित हो सके।
  2. समाज कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान में सात पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र संचालित किया जा रहे है, जिनमें प्रशिक्षित/चयनित अभ्यर्थियों का विवरण निम्नवत है-

(1) श्री छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान भागीदारी भवन लखनऊ-

यह केन्द्र वर्ष 1997 से संचालित है। इसकी क्षमता 300 प्रशिक्षार्थियों की है, जिसमें 50 प्रतिशत पिछड़ी जाति, 45 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 5 प्रतिशत जनजाति के अभ्यर्थी होते है।

(2) आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र (बालिका) अलीगंज लखनऊ-

यह केन्द्र वर्ष 1994 से स्थापित है। इसकी क्षमता 150  प्रशिक्षार्थियों की है, जिसमें 50 प्रतिशत पिछड़ी जाति, 45 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 5 प्रतिशत जनजाति के अभ्यर्थी होते हैं।

(3) न्यायिक सेवा प्राशिक्षण केन्द्र इलाहाबाद -

यह केन्‍द्र वर्ष 1979 में प्रारम्भ हुआ है। इस केन्द्र की क्षमता 50 अभ्यर्थियों की है।

(4) सन्त रविदास आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र वाराणसी-

केन्द्र का संचालन अगस्त 2008 से प्रारम्भ हुआ है। इसकी क्षमता 200 अभ्यर्थियों की है तथा यह केन्द्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए संचालित है।

(5) डा0 बी0आर0 अम्बेडकर आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र अलीगढ़-

अनुसूचित जाति के प्रशिक्षार्थियों हेतु केन्द्र का संचालन 15 दिसम्बर, 2009 से प्रारम्भ हुआ है। इस केन्द्र की क्षमता 200 अभ्यर्थियों की है।

(6) डा0 बी0आर0 अम्बेडकर आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र आगरा-

अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों हेतु संचालित इस केन्द्र का संचालन 25 जनवरी, 2010 से प्रारम्भ हुआ है। इसकी क्षमता 200 अभ्यर्थियों की है।

(7) आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 कोचिंग केन्द्र निजामपुर हापुड़ गाजियाबाद -

इस केन्द्र का संचालन वर्ष 2010-11 से प्रारम्भ किया गया है। यह केन्द्र अनुसूचित जाति के प्रशिक्षार्थियों के लिए है। केन्द्र में 200 अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है, जिसमें 120 पुरूष अभ्यर्थी तथा 80 महिला अभ्यर्थी हैं।


छात्रावासों का संचालन

अपने घर से दूर रहकर अध्ययन करने वाले अनुसूचित जाति के छात्र-छात्रओं के आवासीय समस्या के निदान हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा छात्रावासों का निर्माण कराया जाता है। इन छात्रावासों में छात्रों को नि:शुल्क आवासीय व्यवस्था, फर्नीचर, विद्युत की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। भोजन बनाने के लिए रसोईयाँ, कहार तथा सफाई के लिए स्वस्छकार की व्यवस्था शासकीय व्यय पर की जाती है परन्तु भोजन आदि पर आने वाला व्यय छात्रों को स्वयं वहन करना होता है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा कुल 252 छात्रावास निर्मित कराये गये हैं। 225 छात्रावास संचालित हो रहे हैं अवशेष 27 छात्रावासों को संचालित करने की कार्यवाही की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के जनपदों में नये छात्रावासों का निर्माण करया जा रहा है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में आयोजनेत्तर पक्ष में रू0 2557.18 लाख तथा आयोजनागत पक्ष में रू0 275.98 लाख का आय-व्ययक प्राविधान किया गया है।


मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा की गयी घोषणा के क्रम में छात्रवृत्ति एवं पेंशन से सम्बनिधत समस्याओं के निराकरण हेतु हेल्प लाइन/कॉल सेंटर की स्थापना

मा० मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश द्वारा दिनांक 05.11.2014 को प्रदेश के समस्त पेंशनर एवं छात्रों की पेंशन तथा छात्रवृत्ति सम्बन्धी समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु समाज कल्याण विभाग एवं यू० पी० डेस्को के सहयोग से 25 सीट वाले कॉल सेन्टर की स्थापना किये जाने की घोषणा की गयी थी, जिसके क्रम में माह जून, 2015 से प्रश्नगत कॉल सेन्टर/हेल्प लाइन क्रियाशील की जा चुकी है। समस्याओं के निराकरण हेतु स्थापित इस टोलफ्री हेल्प लाईन का दूरभाष संख्या 18004190001 है, जिसके द्वारा प्रदेश के समस्त नागरिकों द्वारा अपनी समस्याओं का त्वरित निराकरण कराया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार द्वारा पेंशन सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण हेतु एकीकृत पेंशन पोर्टल sspy-up.gov.in की स्थापना की गयी है, जिसके माध्यम से चयनित पेंशनर द्वारा पेंशनर द्वारा पेंशन से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।


विभागीय योजनाओं के कुशल संचालन हेतु सूचना तकनीक (Information Technology) का प्रयोग
  • छात्रवृत्ति वितरण योजना के अन्तर्गत नियमानुसार चयनित छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की जाती है। योजना में पारदर्शिता एवं समयबद्धता लाने हेतु छात्रवृत्ति आवेदन पत्र ऑन लाइन भरने की अनिवार्य व्यवस्था लागू की गयी है।
  • प्रदेश सरकार द्वारा पेंशन सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण हेतु एकीकृत पेंशन पोर्टल sspy-up.gov.in की स्थापना की गयी है, जिसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में विभिन्न पेंशन योजनाओं के अन्तर्गत लाभान्वित कराये जा रहे लाभार्थियों का विवरण उपलब्ध रहेगा।
  • जिन लाभार्थियों का मोबाइल नम्बर सिस्टम में अपलोड हो चुका है, उसे एस० एम० एस० एलर्ट के माध्यम से खाते में धनराशि के अन्तगरण की सूचना उपलब्ध करायी जा रही है।
  • प्रदेश में प्रथम बार पी० एफ० एम० एस० का कोषागार के सॉफ्टवेयर के साथ इन्टीग्रेशन कर दिया गया है। समाज कल्याण विभाग एवं कोषागार के अधिकारियों को डिजिटल सिग्नेचर उपलब्ध कराये जा चके हैं, ताकि समस्त प्रकार की पेंशन के भुगतान एवं पी० एफ० एम० एस० प्रणाली का प्रयोग करते हुए पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।
  • पेंशन योजनान्तर्गत चयनित पात्र लाभार्थियों के खाते में पेंशन की धनरशि की भुगतान पी० एफ० एम० एस० प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है।
  • जनसाधारण की छात्रवृत्ति/पेंशन से सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण हेतु विभाग द्वारा 25 सीटों वाले कॉल सेन्टर / हेल्प लाइन की भी स्थापना की गयी है, जिसके माध्यम से प्रदेश के छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निराकरण किया जाता है। टोल फ्री हेल्प लाइन का दूरभाष संख्या - 18004190001 है।
  • राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना को ऑन लाइन करने के उद्देश्य से राज्य सूचना विज्ञान केन्द्र इकाई द्वारा सॉफ्टवेयर का विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य योजना को पूर्णरूपेण पारदर्शी बनाया जाना है। योजनान्तर्गत दिनांक 01 जनवरी, 2016 से लाभार्थियों द्वारा ऑनलाईन फार्म भरे जाने की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गयी है।

पदेन अधिकारियों का विवरण

माननीय मंत्रीगण

नाम
पदनाम
श्री रमापति शास्त्री माननीय मंत्री, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश।
श्रीमती गुलाब देवी माननीया राज्य मंत्री, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश।

योजनाओं से सम्बन्धित समस्याओं के निवारण हेतु योजनाधिकारियों के नाम एवं दूरभाष नम्बर

नाम
पदनाम
दूरभाष
पारिवारिक लाभ एवं पेंशन योजना श्री आर0 के0 सिंह, संयुक्त निदेशक 0522-2206011
वृद्धाश्रम योजना, अनुदानित विद्यालय, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय योजना श्री पी0सी0 उपाध्याय, संयुक्त निदेशक 0522-2209284
पूर्वदशम् एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना
(प्रदेश के अन्दर व बाहर)
श्री पी0 के0 त्रिपाठी, उपनिदेशक
0522-2209270
पूर्वदशम् एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति
(प्रदेश के अन्दर व बाहर)
श्री सिद्धार्थ मिश्र, छात्रवृत्ति अधिकारी नोडल 0522-2204177
शादी योजना, अत्याचार उत्पीड़न योजना श्री एस0के0राय, उपनिदेशक 0522-2209263
राजकीय छात्रावासों का निर्माण एवं संचालन, विभागीय कोचिंग योजना श्रीमती नीरू सिंह, उपनिदेशक 0522-2205738

प्रशासनिक संरचना
(शासन स्तर)

नाम
पदनाम
दूरभाष
श्री चन्द्र प्रकाश आयुक्त 0522-2238165
श्री मनोज सिंह प्रमुख सचिव 0522-2238083
- सचिव 0522-2237193
श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव विशेष सचिव 0522-2237284
श्री केदार नाथ विशेष सचिव 0522-2228204
श्री मुनीन्द्र कुमार विशेष सचिव 0522-2235676
श्रीमती सुधा श्रीवास्तव संयुक्त सचिव 0522-2239293
श्री रविशंकर मिश्रा उप सचिव 9454412521
श्री कामता प्रसाद अनुसचिव 9454412197

निदेशालय के अधिकारियों के नाम व दूरभाष नम्बर
नाम
पदनाम
दूरभाष
श्री मनोज सिंह निदेशक 0522-2209259
- अपर निदेशक (प्रशासन) 0522-2209106
श्री पी0सी0 उपाध्याय अपर निदेशक 0522-2209284
श्री संतोष कुमार मिश्र वित्त नियंत्रक 0522-2208029
श्री आर0के0 सिंह संयुक्त निदेशक 0522-2206011
श्री एस0 के0 राय उपनिदेशक 0522-2209263
श्री पी0के0 त्रिपाठी उपनिदेशक 0522-2209270
श्री श्रीनिवास द्विवेदी उपनिदेशक -
श्रीमती नीरू सिंह उपनिदेशक 0522-2205738
श्री उमा पति जि0स0क0अधि0/नोडल अधिकारी विधि 9415381068
श्री सिद्धार्थ मिश्र छात्रवृत्ति अधिकारी नोडल 0522-2204177
 

सूचना का अधिकार

समाज कल्याण विभाग
बिंदु : 1 अपने संगठन , कार्यों तथा कर्तव्यों के विवरण।
बिंदु: 2 कार्यालय में तैनात कर्मचारियों एवं अधिकारियों के कर्तव्य एवं दायित्व।
बिंदु : 3 निर्णय लेने में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, इसके अन्तर्गत पर्यवेक्षण और जवाबदेही के श्रोत भी सम्मिलित हैं।
बिंदु: 4 अपने कर्तव्यों हेतु अपनाया जाने वाला मानदण्ड।
बिंदु: 5 अपने कर्तव्यों के निर्वहन हेतु प्रयुक्त अपने नियत्रंणाधीन नियमों, विनियमों, निर्देशों, निर्देशिकाओं तथा अभिलेखों की कोटियों का विज्ञापन।
बिंदु : 6 अपने द्वारा धारित या अपने अधीन अभिलेखों की कोटियों का विज्ञापन।
बिंदु : 7 कोई प्रबन्ध जो कि परामर्श के लिये अस्तित्व में है, या जिसके द्वारा प्रत्यावेदन किया जाता है, वे लोग जो कि इसके नीति निर्धारण या प्रवर्तन में भाग लेंगे, का विवरण।
बिंदु : 8 बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकाय जो कि दो या दो से अधिक व्यकित्यों से इसके भाग रूप में गठित है या इसके सलाह के लिए, का विवरण, और उन बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकाय जो लोगों की पहुॅच के अधीन होगे का विवरण ।
बिंदु : 9 अपने अधिकारियों तथा कर्मचारियों की निर्देशिका।
बिंदु : 10 अधिकारियों एंव कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन/ पारितोषिक इसके अर्न्तगत प्रतिकर का ढंग जो विनियमों द्वारा उपबन्धित है भी सम्मिलित है।
बिंदु : 11 अपने प्रत्येक अभिकरणों का बजट जो उनसे सम्बन्धित , जिसमें सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्यय और किये गये भुगतान का विवरण
बिंदु : 12 उपदान कार्यक्रम के निष्पादन का ढंग जिसके अन्तर्गत धन का विवरण तथा हिताधिकारियों का विवरण, जो ऐसे कार्यक्रम से सम्बद्ध होगे का विवरण
बिंदु : 13 अपने द्वारा अनुदत्त छूटों अधिकार-पत्रों अधिकृतियों के प्राप्त कर्ताओं का विवरण।
बिंदु : 14 अपने द्वारा प्रदान की गयी सूचना या प्रदान न की गयी सूचना इलेक्ट्रानिक प्रारूप में निबद्ध की गयी सूचना का विवरण।
बिंदु : 15 सूचना प्राप्त करने हेतु नागरिकों को उपलब्ध सुविधाये इसके अन्तर्गत पुस्तकालय के कार्य की अवधि या अध्ययन- कक्ष, अगर लोगों के उपयोग के लिए है का विवरण।
बिंदु : 16 लोक सूचनाधिकारी का नाम पद अन्य विवरण।

चयन परिणाम

जल्द ही उपलब्ध हो जाएगा...

योजनाओं के आवेदन हेतु प्रारुप


  योजनाओं के आवेदन हेतु प्रारुप
1 पेंशन योजना के आवेदन पत्र का प्रारूप एवं शासनादेश।
2 इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन / वृद्धावस्था किसान पेंशन योजना के लिए आवेदन पत्र
3 राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (नेशनल फैमिली बेनीफिटस्कीम) के अन्तर्गत आर्थिक सहायता (अनुदान) स्वीकृति के लिए आवेदन पत्र
4 आरक्षित वर्ग के (सामान्य वर्ग ) के गरीबी की रेखा के नीचे के परिवारों के असहाय व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी हेतु वित्तीय सहायता के लिए आवेदन पत्र
5 राजकीय / स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित छात्रावास में अनुसूचित जाति / विभुक्त जाति के छात्रों के प्रवेश हेतु आवेदन पत्र
6 आरक्षित वर्ग के अतिरिक्त अन्य वर्गों (सामान्य) के निर्धन अभिभावकों के छात्र/छात्राओं को दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं प्रवेश शुल्क प्रतिपूर्ति के सम्बंध में आवेदन पत्र का प्रारूप :-
7 राजकीय/स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित छात्रावासों में अनुसूचित जाति/विमुक्त जाति के छात्रों के प्रवेश हेतु आवेदन पत्र
8 आरक्षित वर्ग के अतिरिक्त अन्य वर्गों (सामान्य वर्ग) के गरीबी की रेखा के नीचे परिवारों के असहाय व्यक्तियों के इलाज हेतु वित्तीय सहायता/इलाज के लिए आवेदन पत्रा